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कोरोना संकट के साथ टिड्डी दल बना आफत, इन 9 राज्यों पर मंड़रा रहा खतरा

कोरोना संकट के साथ अब टिड्डी दल का हमला भारत के लिए मुसीबत बनकर सामने आया है। पाकिस्तान से आए टिड्डी दल ने देश के कई राज्यों की मुसीबत बढ़ा दी हैं। देश के नौ राज्यों पर टिड्डियों का खतरा मंडरा रहा है। इनमें राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य शामिल हैं। राज्य सरकार ने इनसे निपटने के लिए कमर कस ली है। साथ ही प्रशासन और किसान भी अलर्ट पर हैं। टिड्डियों के इन दलों को मानसून से पहले तक खत्म करने की तैयारी है, क्योंकि उस समय खरीफ की फसल तैयार होगी और ये उसको भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। 

केंद्र सरकार के टिड्डी चेतावनी संगठन (एलडब्ल्यूओ) ने बताया है कि ये टिड्डियां आने वाले महीनों में किसानों के आगे बड़ा खतरा उत्पन्न करेंगी। इन्हें मानसून से पहले तक खत्म करना जरूरी है, क्योंकि ऐसा नहीं करने पर फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। वर्तमान में टिड्डियां राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में 303 जगहों पर 47 हजार 308 हेक्टेयर फसल को नुकसान पहुंचा चुकी हैं। 

टिड्डियों का दल बुधवार को उत्तर प्रदेश के झांसी पहुंच गया। झांसी मंडल के कृषि उप निदेशक कमल कटियार ने कहा कि इन टिड्डियों को भगाने की कोशिश की जा रही है। इन्होंने एक किलोमीटर के क्षेत्र को कब्जाया हुआ है। साथ ही कीटनाशकों का छिड़काव भी जारी है। राजस्थान में हालात इस कदर खराब हो चुके हैं कि कृषि विभाग ने जयपुर में टिड्डियों के दल पर नियंत्रण पाने के लिए कीटनाशक का छिड़काव किया है। इसके लिए बकायदा उन्होंने ड्रोन की मदद ली है। वहीं, दमकल विभाग की 89 गाड़ियों से भी छिड़काव की तैयारी की गई है। राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने टिड्डियों से निपटने के लिए 120 सर्वेक्षण वाहन और 810 ट्रैक्टर तैयार किए हैं, जिनसे दवा का छिड़काव किया जाएगा।