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शिनच्यांग के सवाल पर पश्चिमी राजनीतिज्ञों की अफवाह निराधार

आजकल ओस्ट्रेलियाई रणनीतिक अनुसंधानशाला समेत कई पश्चिमी संस्थाओं ने चीन के शिनच्यांग प्रदेश में तथाकथित जबरन श्रम को लेकर अफवाह फैलायी। इसे लेकर कुछ पश्चिमी राजनीतिज्ञों ने चीन की शिनच्यांग संबंधी नीतियों की आलोचना की। लेकिन चीन के शिनच्यांग विकास केंद्र ने हाल ही में अपनी “शिनच्यांग में अल्पसंख्यक जातीय लोगों की रोजगार रिपोर्ट”जारी कर यह निष्कर्ष निकाला है कि शिनच्यांग में अपनायी गयी जो रोजगार नीतियां हैं, उन के अनुसार अल्पसंख्यक जातीय लोगों के बुनियादी अधिकारों की गारंटी की गयी है।

इस सर्वेक्षण रिपोर्ट के लिखने में भाग लेने वाले विशेषज्ञों ने शिनच्यांग और दूसरे राज्यों के अनेक शहरों का दौरा किया और आठ सौ से अधिक उद्यमियों तथा अल्पसंख्यक जातीय श्रमिकों के साथ बातचीत की और संबंधित सामग्रियों का विश्लेषण किया। जिन के आधार पर उक्त रिपोर्ट जारी की गयी। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि शिनच्यांग के दक्षिणी भाग में रोजगार मौके का अभाव होने के कारण वहां के लोगों को दूसरे क्षेत्रों में नौकरी करने की जरूरत है। उदाहरण के लिए कशगर के कुछ गांवों में किये गये जनमतग्रहण के अनुसार 86.5 प्रतिशत लोगों को बाहर जाकर नौकरी करने की उम्मीद है। और वे भी चाहते हैं कि रोजगार मौका ढ़ूंढने में सरकार की तरफ से मदद मिल सकें। वास्तव में शिनच्यांग की स्थानीय सरकारों ने भी अल्पसंख्यक जातीय लोगों की मदद करने के लिए कई उत्तम नीतियां कायम की हैं। उनमें एक है जैसे कि उन्हें व्यवसायिक प्रशिक्षण दिया गया।

उधर, बाहर जाकर काम करने वालों की धार्मिक विश्वास स्वतंत्रता की खूब गारंटी की गयी है। शिनच्यांग के अल्पसंख्यक जातीय लोगों को देश के दूसरे क्षेत्रों में भी मस्जिद के बारे में खूब सूचनाएं प्राप्त होती हैं। उन के धार्मिक विश्वास की सामान्य गतिविधियों पर कोई हस्तक्षेप नहीं है। नानचींग शहर में काम कर रहे एक वेइगुर जातीय मजदूर ने कहा कि नानचींग शहर में नमाज जैसी धार्मिक गतिविधियां करने की पूरी स्वतंत्रता प्राप्त है। इसके अलावा मुसलमानों के खानपान आदि की विशेष जरूरतों पर भी काफी ध्यान दिया गया है।

आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2013 से 2019 तक शिनच्यांग प्रदेश में गरीबी दर 19.4 प्रतिशत से 1.24 प्रतिशत तक गिर पड़ी है। वर्ष 2020 के अंत तक सभी गरीब लोगों को गरीबी से मुक्त कराया जा सकेगा। उनमें जो बाहर जाकर काम करने जाते हैं, उन की आय में स्पष्ट वृद्धि दर्ज की गयी है। कुछ समय पूर्व आयोजित संयुक्त राष्ट्र महासभा की मीटिंग में 48 देशों के प्रतिनिधियों ने भाषण देकर चीन सरकार द्वारा शिनच्यांग में मानवाधिकार की गारंटी के लिए की गयी कोशिशों की प्रशंसा की। और पश्चिम द्वारा चीन के खिलाफ की गयी आलोचना का खंडन किया। आशा है कि पश्चिमी राजनीतिज्ञ तथ्यों के आधार पर शिनच्यांग की स्थितियों को देख सकेंगे। और समृद्ध व स्थायी शिनच्यांग से सभी झूठी अफवाहों को तोड़ा जाएगा

( साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग )