Raj Industries

राज इंडस्ट्रीज से निकल रहे रसायन युक्त गंदे पानी, हवा व राख से लोगों की जिंदगी बनी नर्क

जालंधर (सवेरा): उपमंडल नालागढ़ के बागबानियां में स्थापित राज सुपर ब्रांड के नाम से साबुन बनाने वाले उद्योग राज इंडस्ट्रीज के साथ लगती ग्रांम पंचायतों खेड़ा व सुनेड़ के दर्जनभर गांवों के स्थानीय लोग साबुन उद्योग से निकलने वाले रसायन युक्त गंदे पानी, वायु प्रदूषण व उद्योग के ब्वायलर की चिमनी से निकलने वाली गंदी राख से बेहद परेशान हैं। उद्योग से फैल रहे प्रदूषण के कारण स्थानीय लोग कई बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि उद्योग से निकलने वाली बदबू के कारण घरों में बैठना मुश्किल हो गया है। इतना ही नही उद्योग में बन रहे उत्पादों से निकलने वाली बदबू के कारण अब उनके रिश्तेदारों ने भी उनके घरों में आना छोड़ दिया है। दूसरे उद्योग के ब्वायलर की चिमनी से निकलने वाली राख से उनके आंगन व घरों की छतें काली हो रही हैं जिससे उन्हें अपने घरों में कपड़े सुखाने भी मुश्किल हो गए हैं। 

स्थानीय निवासियों का कहना है कि राज इंडस्ट्रीज उद्योग की चिमनी से निकल रही काली व गंदी राख के कारण लोगों की आंखें भी खराब हो रही हैं। बागबानियां स्थित साबुन उद्योग राज इंडस्ट्रीज द्वारा फैलाए जा रहे प्रदूषण से तंग आकर साथ लगते स्थानीय गांवों के ग्रामीण उद्योग के खिलाफ कई बार हिमाचल सरकार, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, उद्योग विभाग के पास शिकायतें कर चुके हैं। यहां तक कि नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एन.जी.टी.) के पास भी अपनी फरियाद लगा चुके हैं, मगर किसी ने उनकी एक भी पुकार नहीं सुनी। 

स्थानीय लोगों का कहना है कि साबुन उद्योग राज इंडस्ट्रीज के मालिक अपने रसूख व प्रदेश के बड़े बड़े अधिकारियों से आपसी मेल-मिलाप के कारण उनके द्वारा की गई शिकायतों पर कोई भी कार्यवाई नही होने देते। स्थानीय लोगों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मांग की है कि क्षेत्र में प्रदूषण फैलाने को लेकर राज इंडस्ट्रीज के प्रबधकों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए ताकि लोगों को प्रदूषण से बढ़ रही गंभीर बीमारियों से बचाया जा सके। 

राज इंडस्ट्रीज पाई गई दोषी
बताया जाता है कि स्थानीय लोगों द्वारा थक-हार कर साल 2019 में बागबानियां स्थित साबुन उद्योग राज इंडस्ट्रीज के खिलाफ एक शिकायत नैशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एन.जी.टी.) को थी जिस पर एन.जी.टी. ने स्थानीय ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर उद्योग के निकलने वाले वायु, जल व राख से होने वाले प्रदूषण जांच की थी जिसमें बताया जा रहा है कि साबुन उद्योग को पूर्ण रूप से दोषी पाया गया था। बताया जा रहा है कि एन.जी.टी. द्वारा साबुन उद्योग राज इंडस्ट्रीज से निकलने वाले प्रदूषण की जांच व स्थानीय लोगों की शिकायत को सच मानते हुए सख्त कार्यवाही करते हुए उद्योग विभाग को साबुन उद्योग राज इंडस्ट्रीज को बंद करने के आदेश दिए थे।  
    
हुए थे बिजली काटने के आदेश
एन.जी.टी.ने पर्यावरण व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और बिजली बोर्ड को साबुन उद्योग राज इंडस्ट्रीज की बिजली काटने के आदेश दिए थे। राज इंडस्ट्रीज के मालिक मामले को दोबारा से एन.जी.टी. में ले गए थे जहां अभी भी यह मामला विचाराधीन बताया जा रहा है। हालांकि बताया जा रहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने साबुन उद्योग राज इंडस्ट्रीज को प्रदूषण कम करने के लिए कुछ बदलाव करने व उद्योग से निरंतर फैल रहे वायु व अन्य प्रदूषण को रोकने के लिए नए प्रदूषण रोधी कुछ उपकरण लगाने के आदेश भी दिए थे।                                    


सुनेड़ पंचायत ने दी धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी                                                  
ग्राम पंचायत सुनेड़ के प्रधान देवेंद्र ठाकुर ने बताया कि हमारी पूरी पंचायत साबुन उद्योग राज इंडस्ट्रीज से निकलने वाले वायु, जल व राख से होने वाले प्रदूषण से बेहद परेशान है। पंचायत प्रधान ने कहा कि प्रदेश सरकार से मांग की है उक्त उद्योग से निकलने वाले प्रदूषण को रुकवाया जाए अन्यथा स्थानीय ग्रामीण साबुन उद्योग राज इंडस्ट्रीज के खिलाफ धरना-प्र्दशन करने को भी मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व उद्योग प्रबंधन की होगी।                                       


जमकर प्रदूषण फैला रहा राज इंड़्स्ट्रीज : दर्शन सैणी
इस संदर्भ में जब स्थानीय निवासी और हिमाचल सरकार में जल प्रबंधन बोर्ड के चेयरमैन व दून विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ भाजपा नेता दर्शन सिंह सैणी से बात की गई तो उन्होंने राज इंडस्ट्रीज के प्रबंधकों पर जमकर बरसते हुए कहा कि पंजाब से यहां आए ये उद्योगपति खेड़ा व सुनेड़ पंचायत के दर्जनभर गावों में जमकर प्रदूषण फैला रहे हैं। उनका कहना है कि स्थानीय लोग राज इंडस्ट्रीज से निकलने वाले प्रदूषण से तंग आ चुक