sukhbir singh badal

NDA से गठबंधन तोड़ने के बाद बोले सुखबीर बादल, कांग्रेस ने इस बिल पर वॉकआउट करके दिया समर्थन

रुपनगरः शिरोमणि अकाली दल असूलों की पार्टी है। अकाली दल ने कभी ऐसा फैसला नहीं लोगा जो किसानों और मजदूरों के किलाफ होगाय़। यदि हिंदुस्चतान का सियासी ढांचा देखो तो पार्टियों का पिछोकड़ होता है। पार्टी असूलों से लड़ती है। हिंदोस्तान में एक ही पार्टी है जो किसानों और मजदूरों की पार्टी है। यह कहना है शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल का बयान

कांग्रेस को और बजेपी को किसानों की पार्टी नहीं कहा जाता। सुखबीर बादल ने कहा अगर किसानों का कोई लीडर है तो प्रकाश सिंह बादल थे। बिलों पर बोलते उन्होनें कहा कि इसका बड़ा असर सिर्फ किसानों पर ही नहीं बल्कि मजदूरों पर भी असर पड़ेगा। आढ़तियों पर भी असर है, मंडियों पर भी असर है और सारे पंजाबियों और देश पर असर है। किसान अपनी फसल को बच्चा समझ कर पालते हैं। अगर पंजाब में बारिश न हो तो पंजाब में किसानी को फर्क नहीं। अफसोस इस बात का है कि कानून बनाने से पहले अकाली दल को नहीं बताया गया। सदन में जो कहा जाए वो झूठ नहीं कहा जा सकता। तोमर साहब कहते हैं कि कानून बनाने से पहले 7 सीएम की कमेटी बनाई, जिस में पंजाब के सीएम भी शामिल थे, लेकिन उन्होनें बिल्कुल भी कुछ नहीं बताया, अगर तब बता देते तो ये नौबत नहीं आनी थी। 

हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि यह कानून सही नहीं है किसानों से पहले पूछ लो। उन्होनें कहा कि जब एक्ट बनेगा तब किसानों से पूछेंगे, किसान जत्थेबंदियों जो धरने पर बैठी हैं, उन्होनें मीटिंग की। तब किसानों ने एमएसपी के खत्म होने का खदशा जताया था।उन्होनें कहा कि हमारी बात सुनी नहीं गई सदन में और सदन में एक्ट ला दिया गया। केंद्र ने धक्के से ये एक्ट ला दिया और हमारी कोई बात नहीं सुनी। 

सुखबीर बादल ने कहा कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोनों मिले हुए हैं, जब वोटिंग का समय आया तो आप ने सदन से ही वॉकआउट कर दिया था। रवनीत बिट्टू ने भी ड्रामा किया और बिना वोट डाले वहां से चला गया। कांग्रेस में दोगलापन है, शिवसेना की सरकार महाराष्ट्र में बनी है। कांग्रेस के बगैर एक घंटा नहीं रह सकता। कैप्टन अमरिंदर सिंह पर वार करते सुखबीर ने कहा कि राहुल गांधी क्यों वापस नहीं करवाता ये बिल। उन्होनें दमदमा साहिब में माथा टेकते समय आप और कांग्रेस द्वारा उन्हें काली झंडिया दिखाने के बारे में कहा कि ये 4-5 लोग झंडिया लेकर खड़े हो जाते हैं, हमें क्या फर्क पड़ता है। अगर अकाली दल ने अपने सूरमे को बोल दिया तो ये लोग मिलेंगें नहीं यहां। 

बता दें कि पंजाब में अकाली दल द्वारा केंद्र की मोदी सरकार से गठबंधन तोड़ लिया गया, जिसके बाद पंजाब की सियासत में काफी उल्टफेर देखने को मिल सकते हैं। वहीं गठबंधन टूटने के बाद आज शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने रुपनगर स्थित गुरुद्वारा साहिब भट्ठा साहिब में जाकर माथा टेका। इस मौक पर उनके साथ अकाली वर्करों का हुजूम था। शिरोमणि अकाली दल वर्करों में काफी जोश था और लोगों ने बढ़-चढ़ कर इसमें हिस्सा लिया।