Chinese economy

चीनी अर्थतंत्र के मजबूत पुनरुत्थान से वैश्विक अर्थव्यवस्था में निश्चितता मिलेगी

चीनी राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा हाल ही में जारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष की पहली तीन तिमाहियों में चीन में सकल घरेलू उत्पाद मूल्य (जीडीपी) गत वर्ष की समान अवधि की तुलना में 0.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई। एक-एक तिमाही की दृष्टि से देखा जाए, गत वर्ष की पहली तिमाही से 6.8 प्रतिशत की गिरावट हुई, गत वर्ष की दूसरी तिमाही से 3.2 प्रतिशत का इजाफा हुआ, जबकि गत वर्ष की तीसरी तिमाही की तुलना में 4.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। चीनी आर्थिक वृद्धि नकारात्मक से सकारात्मक में बदल चुकी है। विशेषज्ञों के विचार में चीनी आर्थिक पुनरुत्थान की स्थिति जारी रहेगी। 

चीनी रनमिन विश्वविद्यालय के उप प्रधान ल्यू युआनछुन ने कहा कि महामारी के प्रभाव, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय माहौल की पृष्ठभूमि में चीनी अर्थतंत्र का बेहतर विकास साकार हुआ है, यह बहुत अच्छी बात है। जाहिर है कि महामारी के खिलाफ़ लड़ाई और अर्थतंत्र की रक्षा वाली लड़ाई में चीन ने जीत हासिल की है। आपूर्ति और मांग दोनों के संतुलन से जाहिर है कि चीन का आर्थिक चक्र कामकाज और उत्पादन की बहाली के आधार पर बेरोकटोक चल रहा है।  

भविष्य में चीन में आर्थिक विकास के बारे में ल्यू युआनछुन ने कहा कि चीनी अर्थव्यवस्था में अंतर्जात वृद्धि शक्ति और चक्र शक्ति उभरी, जिससे लगातार आर्थिक पुनरुत्थान का आधार तैयार हुआ। वर्ष की पहली तीन तिमाहियों में चीनी जीडीपी की वृद्धि नकारात्मक से सकारात्मक में बदल गई, इस पर इधर के दिनों में विदेशी मीडिया का ध्यान केंद्रित हुआ। कहा गया है कि चीनी अर्थतंत्र का मजबूत पुनरुत्थान बरकरार रहेगा, जिससे वैश्विक अर्थतंत्र को निश्चितता मिलेगी। 

 सीएनएन की रिपोर्ट में कहा गया कि दूसरी तिमाही में चीनी अर्थतंत्र की 3.2 प्रतिशत वाली वृद्धि हुई, तीसरी तिमाही में 4.9 प्रतिशत का इज़ाफ़ा हुआ, जिससे महामारी के बाद चीनी अर्थतंत्र की मजबूत बहाल शक्ति जाहिर हुई। ख़ास कर वर्तमान में अन्य देश अर्थतंत्र और महामारी दोनों के मिश्रण दलदल में फंस रहे हैं। चीनी अर्थव्यवस्था का तेज़ी से पुनरुत्थान बहुत अद्भुत है।  

“वॉल स्ट्रीट जर्नल” ने कहा कि छह महीने पूर्व, महामारी ने चीनी अर्थतंत्र को बड़ा नुकसान पहुंचाया, लेकिन आज चीन के आर्थिक विकास से एक बार फिर जाहिर हुआ कि चीनी अर्थतंत्र बहुत मजबूत और शक्तिशाली है। आम रोजगार दर, अपभोग, आयात-निर्यात आदि आर्थिक सूचकांक से देखा जाए, तो चीनी आर्थिक बहाली दूसरे देशों से तेज़ है।   
  
 विदेशी मीडिया के विचार में तीसरी तिमाही में चीनी अर्थतंत्र के मजबूत पुनरुत्थान में जबरदस्त महामारी-रोधी कदमों और आर्थिक पुनरुत्थान के दायरे के लगातार विस्तार ने कुंजीभूत भूमिका निभायी। रॉयटर्स ने कहा कि वैश्विक नीति-निर्माता चीनी अर्थतंत्र के जबरदस्त पुनरुत्थान को लेकर आशा रखते हैं, वे मांग की फिर से शुरुआत की प्रतीक्षा में है। लेकिन वर्तमान में प्रमुख आर्थिक समुदायों को सख्त लॉकडाउन और दूसरे चरण की महामारी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। 
    
विदेशी मीडिया ने यह भी माना कि चीनी आर्थिक विकास के सामने कई चुनौतियां फिर भी मौजूद हैं। “निक्केई एशियन रिव्यू” ने अनुमान लगाया कि भविष्य में चीनी अर्थतंत्र की लगातार वृद्धि बनी रहेगी, लेकिन कमजोर वैश्विक मांग की पृष्ठभूमि से चीन और अन्य देशों के आर्थिक पुनरुत्थान के लिए चुनौतियों का सामना करने की उम्मीद है। 

( साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग )