PARTAP SINGH BAJWA

राजनीतिक डर से अकाली दल ने तोड़ा NDA से गठबंधनः प्रताप बाजवा

चंडीगढ़ः कृषि ऑर्डिनेंसों के विरोध में जहां एक तरफ अकाली दल ने एनडीए से अपना नाता तो़ड़ लिया है वहीं सियासी पार्टियां इसे एक राजनीतिक स्टंट बता रही है। पंजाब कांग्रेस ने तो इस गठबंधन तो तोड़ने के पीछे अकाली दल की मजबूरी बताई है। वहीं अब प्रताप सिंह बाजवा ने भी अकाली दल के इस फैसले को महज एक नाटक करार दिया है।

ट्वीटर पर लगातार ट्वीट करते हुए प्रताप बाजवा ने लिखा कि जून महीने से अकाली दल ने  प्रकाश सिंह बादल जी के इन किसान-विरोधी कानूनों के समर्थन में बयान देकर इन अध्यादेशों का बचाव करने की पूरी कोशिश की गई थी, जब तक बिल  संसद में पेश नहीं हुआ तक तक यह समर्थन जारी रहा और जब इन्हें लगा कि किसान तो इसके विरोध में है तो उन्होनें इस बिल कि विरोध में होने का ढोंग रचना शुरु कर दिया और यू-टर्न ले लिया लेकिन तब भी अकाली दल ने एनडीए नहीं छोड़ा, सिर्फ दिखावे के लिए  इस्तीफा दे दिया। जब बाकी सभी विफल हो गए, तो उन्होंने एक बार फिर एनडीए छोड़ने के अपने कार्यों के माध्यम से किसानों को धोखा देने का प्रयास किया।ये पंजाब के किसानों के लिए हित  में लिया गया कोई फैसला नहीं है बल्कि पंजाब में राजनीतिक रुप से अलग-थलग होने के डर से ये कदम उठाया गया है और किसानों के हित का सिर्फ बहाना है। 

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