Shivling of these jewels, Shivling

मन की हर मुराद को करना चाहते हैं पूरा तो पुराणों के अनुसार करें इन रत्नो के शिवलिंग की पूजा

हिंदू धर्म में लोग भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कई तरह के उपाय अपनाते हैं, तांकि मन चाहा वरदान पा सकें। यही नही बल्कि हिंदू धर्म में भगवान शिव से संबंधित अनेकों ग्रंथ हैं, जिसमें से श्रीलिंग पुराण एक ग्रंथ है। बता दें कि श्रीलिंग पुराण वह ग्रंथ है जिसमें भगवान शिव को प्रसन्न करने के अनेक उपाय बताए गए हैं। 

जी हां, श्रीलिंग पुराण में यह भी बताया गया है कि यह किस महीने में किस रतन से बने शिवलिंग की पूजा करने से भक्तों की हर मनोकामना पूरी हो सकती है। तो आइए आज आप भी जानिए उन शिवलिंग रतनों के बारे में खास जिसकी पूजा करने से आप पा सकते हैं मनचाहा वरदान... 

- श्री लिंग पुराण के अनुसार जेष्ठ मास में मरकत यानी पन्ने से निर्मित शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए। 

- बैशाख के महीने में वज्र यानी हिरे  से बने शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए। 

- सावन के महीने में नीलम से बने शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए जिससे आपकी हर मनोकामना पूरी होगी।

- आषाढ़ के महीने में मोती से बने शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए। 

- आश्विन महीने में गोमेद के शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए क्योंकि हर इच्छा को पूरी करता है। 

- कार्तिक मास में प्रवाल यानी मुंगे  से बने शिवलिंग की पूजा करें। 

- मार्गशीर्ष महीने में  लहसुनिया  से निर्मित शिवलिंग की पूजा करें। 

- पोष  के महीने में नीले रंग के पुखराज से बने शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए। 

- माघ मास में सूर्य कांत मणि यानी माणिक शिवलिंग की पूजा करने से हर मनोकामना पूरी होती है। 

- फाल्गुन के महीने मेंस्फटिक  से बने शिवलिंग की पूजा से सभी समस्याओं का समाधान हो जाता है। 

- भाद्रपद महीने में पुखराज से बने शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए। बता दें कि यहां जितने भी शिवलिंग रतनों के बारे में बताया गया है वो मान्यताओं पर आधारित हैं। अगर आप भी इनमें से किसी शिवलिंग की पूजा करते हैं तो किसी विशेषज्ञ से अवश्य संपर्क करें।