येलो लाइन

शिमला की सड़को पर येलो लाइन पर हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान

प्रदेश उच्च न्यायालय ने नगर निगम शिमला की सड़कों पर गलत तरीके से खींची गई पीली लाइन मुद्दे पर कड़ा संज्ञान लिया है। कोर्ट ने नगर निगम शिमला के आयुक्त को आदेश दिए है कि वह व्यक्तिगत रूप से बालूगंज बाजार जाएं और सुनिश्चित करें कि खींची गई सभी पीली लाइनें तुरंत प्रभाव से हटा दी जाए। ताजी पीली रेखाएं केवल उन्हीं स्थानों पर हो, जहां पर सड़क के दोनों ओर यातायात का मुक्त प्रवाह हो। कोर्ट ने यह स्पष्ट भी है कि बालूगंज बाजार में वाहनों की आवाजाही में कोई बाधा नहीं होनी चाहिए और बस स्टॉप के पास कोई पीली लाइन नहीं खींची जाए। इसके अलावा, आयुक्त नगर निगम, शिमला को आदेश दिए है कि वह कोर्ट मित्र से संपर्क बनाए रखे। कोर्ट ने एक ऐसे अधिकारी को भी नियुक्त करने के निर्देश दिए है जो कि जूनियर इंजीनियर के पद से नीचे का न हो ताकि शिमला निगम क्षेत्र के भीतर ऐसे सभी अवरोधो की पहचान की जा सके, जहां पर बेवजह पीली रेखाएं खींची गई हैं। इस बाबत रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष दाखिल करने के आदेश जारी किए गए है।न्यायालय ने यह आदेश कोर्ट मित्र अधिवक्ता जगदीश ठाकुर के वक्तव्य के पश्चात दिए। उन्होंने न्यायालय को बताया कि शिमला शहर की सड़कों पर गलत तरीके से पीली रेखाएं खींची गई है। पीली रेखाएं खींचते समय सड़क पर अवरोध का भी ध्यान नहीं रखा गया है। हाल ही में पुलिस स्टेशन के मेन गेट के समक्ष पीली लाइन खींच कर पार्किंग के लिए स्थान निकाला गया है जोकि बालूगंज बाजार के मुख्य बाजार साथ होने के कारण यातायात के लिए बड़ी समस्या उत्पन्न कर रहा है। यह सब कोर्ट द्वारा समय-समय पर जारी किए गए निर्देशों के विपरीत हो रहा है। मामले पर आगामी सुनवाई 6 नवंबर को निर्धारित की गई है।