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कोरोना संकट के बीच घटी सरकार की कमाई, बढ़ सकते हैं GST रेट्स

नई दिल्लीः पूरे विश्व में तेजी से फैल रहे कोरोनावायरस ने अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। लॉकडाउन के कारण भारत सरकार को टैक्स से होने वाली कमाई में भारी गिरावट आई है जिसकी वजह से वह राज्यों को भी हिस्सा नहीं दे पा रही है। ज्यादातर राज्यों की कमाई का मुख्य जरिया केंद्र से मिलने वाला जीएसटी है। ऐसे में सरकार ने हाथ खड़े कर दिए हैं।

रेवेन्यू के मसले पर राज्यों और केंद्र के बीच अब कानूनी लड़ाई शुरू हो चुकी है। केंद्र चाहता है कि राज्य सरकारें रेवेन्यू में आई कमी के लिए बाजार से कर्ज उठाएं। लेकिन कई राज्यों का कहना है कि यह जिम्मेदारी केंद्र की है कि वह कर्ज उठाए और रेवेन्यू में आई गिरावट की भरपाई करे।

बढ़ सकते हैं GST रेट्स
2017 में जीएसटी को लागू करते समय राज्यों से वादा किया गया था कि केंद्र अगले पांच सालों तक रेवेन्यू में किसी तरह के नुकसान की भरपाई करेगा। राज्यों की इस दलील पर अटॉर्नी जनरल ने कानूनी पक्ष सामने रखा है। अटॉर्नी जनरल ने कहा कि यह जीएसटी काउंसिल का फैसला होगा कि वह रेवेन्यू लॉस के लिए बाजार से कर्ज उठाने का फैसला करता है या दूसरे विकल्पों के बारे में सोच रहा है। ऐसी हालत में एक ही रास्ता दिख रहा है ​कि या तो कुछ वस्तुओं पर टैक्स बढ़ाए जाएं या छूट के दायरे में शामिल वस्तुओं को जीएसटी के तहत लाया जाए।