Jai Ram Thakur

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को दिए निर्देश

शिमला : सूबे में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर सरकार ने संस्थागत क्वारंटाइन को लेकर सख्ती बरतनी शुरू की है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अधिकारियों को बाहर से घर वापसी करने वाले लोगों की संस्थागत क्वारंटाइन में नियमित चिकित्सा जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहरी राज्यों से लोगों की घर वापसी से पहले संबंधित पंचायत प्रतिनिधियों को इसे लेकर सूचना दी जाए।मंगलवार को शिमला से तमाम जिला उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों व मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रैंसिंग से संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि संस्थागत क्वारंटाइन में रखे गए लोगों की नियमित चिकित्सा जांच सुनिश्चित बनाने के साथ-साथ एक्वारंटाइन केंद्रों में पर्याप्त सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टरों की टीम क्वारंटाइन केंद्रों का दौरा अवश्य करे, ताकि वहां रहने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। बुजुर्गो और लंबी बीमारी से पीड़ित मरीजों को सभी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं और जरूरत पड़ने पर उन्हें स्वास्थ्य संस्थानों में स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ने पर होटलों को भी संस्थागत क्वारंटाइन केंद्रों के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। इससे इन केंद्रों में रहने वाले लोगों का मनोबल भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि देश के अन्य हिस्सों से आने वाले हिमाचलियों के घर पहुंचने से पहले ही पंचायती राज संस्थाओं के चुने हुए प्रतिनिधियों को उनकी सूचना उपलब्ध करवाई जाए। 

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मी बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की घर वापसी से पहले ही ऐसे लोगों के घरों का दौरा करें ताकि उसके परिवार के सदस्यों को शारीरिक दूरी बनाने के महत्व के बारे में जागरूक किया जा सके। स्वास्थ्य कर्मियों और पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को सुनिश्चित करना होगा कि ऐसे घरों में अलग कमरों और शौचालयों की उचित सुविधा हो। यदि सुविधा उपलब्ध नहीं हो तो ऐसे लोगों को नजदीक के पंचायत घरए युवक मंडल भवनए महिला मंडल भवन और सामुदायिक केंद्रों में स्थानांतरित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रवासी मजदूरों की सुविधा के लिए प्रदेश में राष्ट्रीय योजना श्वन नेशन.वन राशन कार्डश् शुरू की है। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि प्रवासी मजदूरों को दो माह तक नि:शुल्क खाद्य सामग्री मिले। उन्होंने कहा कि जिन मजदूरों के पास राशन कार्ड नहीं हैए उन्हें भी प्रति व्यक्ति पांच किलोग्राम गेहूं या चावल और प्रति माह एक किलोग्राम दाल नि:शुल्क दी जाएगी। जयराम ठाकुर ने कहा कि संस्थागत व होम क्वारंटाइन से बाहर आने वाले लोगों को अन्य लोगों को को कोविड-19 के बारे में जागरूक बनाने के लिए ब्रांड एंबेसडर के रूप में कार्य करने के लिए प्रेरित करने के प्रयास किए जाने चाहिए।