Domestic cricket

BCCI के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने बताया कब शुरू होगा भारत में घरेलू क्रिकेट

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) अध्यक्ष सौरव गांगुली ने शनिवार को कहा कि घरेलू क्रिकेट सत्र एक जनवरी से शुरू होगा। बीसीसीआई की शीर्ष परिषद ने रविवार की शाम को बैठक की और काफी समय घरेलू कैलेंडर पर चर्चा की गयी जो भारत में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के कारण गड़बड़ा गया है।
 
गांगुली ने दुबई से पीटीआई से कहा, ‘‘हमने घरेलू क्रिकेट पर काफी देर तक चर्चा की और हमने संभावित रूप से एक जनवरी 2021 से टूर्नामेंट शुरू करने का फैसला किया है।’’ जब उनसे पूछा गया कि क्या सत्र को छोटा किया जायेगा तो पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा कि बोर्ड व्यावहारिक उद्देशय़ों के लिये सभी घरेलू टूर्नामेंट का आयोजन नहीं कर पायेगा।
 
गांगुली ने संकेत दिया कि बीसीसीआई रणजी ट्राफी के लिये जनवरी से मार्च की विंडो पर नजर लगाये है। उन्होंने कहा, ‘‘हम निश्चित रूप से रणजी ट्राफी का पूर्ण सत्र करायेंगे। लेकिन सभी टूर्नामेंट का आयोजन करना शायद संभव नहीं होगा। ’’  बीसीसीआई अध्यक्ष ने यह भी आश्वस्त किया कि जूनियर क्रिकेट और महिला टूर्नामेंट का आयोजन मार्च और अप्रैल के बीच किया जायेगा।
 
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी आयु ग्रुप और महिला क्रिकेट के लिये विस्तृत योजनाये हैं। हम रणजी ट्राफी के साथ शुरूआत करेंगे और फिर हम अन्य टूर्नामेंट मार्च और अप्रैल के बीच करायेंगे। ’’ उन्होंने यह भी सूचित किया कि भारतीय टीम को आस्ट्रेलिया में पृथकवास चरण के दौरान ट्रेनिंग करने की अनुमति दी जायेगी।
 
बीसीसीआई अध्यक्ष ने कहा, ‘‘क्रिकेट आस्ट्रेलिया ने हमें कार्यक्रम भेज दिया है और हमने उस कार्यक्रम के तौर तरीकों पर चर्चा की। हम चार टेस्ट खेलेंगे और वो जनवरी के तीसरे हफ्ते में खत्म हो जायेंगे। ’’ भारतीय टीम के आस्ट्रेलियाई दौरे पर तीन वनडे, तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय और चार टेस्ट खेलने की उम्मीद है।
 
इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू श्रृंखला के बारे में गांगुली ने कहा कि बीसीसीआई हालात का आकलन कर रहा है और सही समय पर अंतिम कार्यक्रम तैयार किया जायेगा।
 
उन्होंने कहा, ‘‘इंग्लैंड श्रृंखला अभी साढ़े तीन से चार महीने दूर है। हमारे पास अब भी समय है। हम कोविड-19 परिस्थितियों का आकलन कर रहे हैं और इसी के अनुसार फैसला करेंगे। ’’  भारत में श्रृंखला की मेजबानी के लिये (अहमदाबाद, कोलकाता और धर्मशाला) कुछ स्थल प्राथमिकता सूची में होंगे और संयुक्त अरब अमीरात दूसरा विकल्प है।