Man of The Match

Man of The Match चुने जाने पर बोले Ashwin, जब चीजें मेरे हिसाब से नहीं होती तो मैं और ज्यादा कोशिश करता हूं

भारत-इंग्लैंड के बीच चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने 317 रन से रिकॉर्ड जीत हासिल की। इस मैच में जीत के हीरो आर अश्विन रहे। अश्विन ने इस मैच में 8 विकेट चटकाए, साथ ही उन्होंने दूसरी पारी में शतक भी लगाया। अश्विन ने पहली पारी में 5 विकेट और दूसरी पारी में 3 विकेट चटकाए। भारत को दूसरे टेस्ट मैच में मिली जीत के बाद अश्विन को मैन ऑफ द मैच चुना गया। मैन ऑफ द मैच अवॉर्ड जीतने के बाद अश्विन ने कहा कि यह विकेट इसी मैदान पर खेले गए पहले टेस्ट मैच से बहुत अलग था। यह एक लाल मिट्टी का विकेट था, जबकि इससे पहले वाला विकेट क्ले का था। जितना लोग बाहर से चीजों की भविष्यवाणी कर रहे थे, मुझे लगा कि जो गेंदें ज्यादा घूम रही थीं, उनपर विकेट नहीं मिल रहे थे। उन्होंने आगे कहा, यह उन बल्लेबाजों का दिमाग था, जिन्होंने हमें विकेट दिलाए। 

यहां बल्लेबाजों के माइंडसेट से विकेट मिल रहे थे। मैं यहां वर्षों से खेल रहा हूं और ऐसा करने के लिए गति और मार्गदर्शन चाहिए। इच्छाशक्ति रखना बहुत महत्वपूर्ण था। गेंदबाजों पर दबाव बनाना महत्वपूर्ण था। इसके लिए मैंने रोहित शर्मा और कोच विक्रम राठौर से बात की और कहा कि बॉल निकालने से बेहतर है गेंदबाजों पर दबाव बनाना। अश्विन ने कहा कि मैं बस इसे अपने ऊपर लेना चाहता था और जब मैंने पहली गेंद को कनेक्ट किया, तब मुझे पता था कि मैं इस विकेट पर टिक सकता हूं। मैं ऐसा व्यक्ति हूं, जो कठिन प्रयास करता है और जब चीजें मेरे हिसाब से नहीं होती तो मैं और ज्यादा कोशिश करता हूं। बता दें कि अश्विन ने अपनी बल्लेबाजी का श्रेय टीम के बैटिंग कोच विक्रम राठौर को दिया। अश्विन भारत की ओर से नंबर-8 पर बल्लेबाजी करते हुए सबसे ज्यादा सेंचुरी लगाने वाले खिलाड़ी भी बने और एक ही मैच में तीसरी बार सेंचुरी और फाइव विकेट हॉल का कारनामा किया। अश्विन ने 148 गेंदों में 14 चौके और एक छक्के की मदद से 106 रन की शतकीय पारी खेली। यह अश्विन के टेस्ट करियर का यह 5वां शतक है।



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