कर्ज

शास्त्रों के अनुसार इन दिनों में कभी ना ले कर्ज बढ़ सकती है मुश्किले

cहमारी सारी उम्र कर्ज से निजात पाने में निकल जाती है। कर्ज से मुक्त होने के लिए लोग बहुत से पूजा पाठ और उपाए भी करते है। लेकिन कई बार इनका भी कोई असर देखने को नहीं मिलता और हमारे हाथ सिर्फ निराशा ही लगती है। लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसी खास बातों के बारे में बताएँगे जिनसे आपको कर्ज उतारने में परेशानियों का सामना नहीं करने पड़ेगा। तो आइए जानते है :-

वार : कभी भी मंगलवार, शनिवार और रविवार को कर्ज नहीं लेना चाहिए। इस दिन लिया गए कर्ज को चुकाने में बहुत ही मुश्किलों का सामना करना पड़ता है और मूल से कई गुना ज्यदा देना पड़ सकता है।

योग : वृद्धि योग, द्विपुष्कर योग और त्रिपुष्कर योग में लिया गया कर्ज या ऋण कभी भी चुकता नहीं होता है। कहते हैं कि वृद्धि योग में कर्ज की वृद्धि, द्विपुष्कर योग में कर्ज दोगुना और त्रिपुष्कर योग में कर्ज तीन गुना बढ़ जाता है।

नक्षत्र : हस्त नक्षत्र में ऋण कभी नहीं लिया जाता अन्यथा इसे चुकाना कठिन हो जाता है परंतु इस दिन कर्ज चुकाने से समृद्धि और सौभाग्य लाभ मिलता है। इसके अलावा मूल, आद्रा, ज्येष्ठा, विशाखा, कृतिका, ध्रुव संज्ञक नक्षत्र अर्थात उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ तथा उत्तराभाद्रपद एवं रोहिणी आदि नक्षत्रों में भी कर्ज नहीं लेना चाहिए।

लग्न : इसी प्रकार कहते हैं कि चर लग्न में कर्जा नहीं देना चाहिए वर्ना वापस नहीं मिलता है। चर लग्न में पांचवें व नौवें स्थान में शुभ ग्रह व आठवें स्थान में कोई भी ग्रह नहीं हो, वरना ऋण पर ऋण चढ़ता चला जाएगा। परंतु, चर लग्न जैसे मेष, कर्क, तुला और मकर में कर्ज लेने पर शीघ्र ही उतर जाता है, लेकिन इन चर लग्न में कभी किसी को कर्ज नहीं देना चाहिए।

संक्रांति : इसी प्रकार से संक्राति में भी कर्ज नहीं लेना चाहिए। वर्ष में 12 संक्रांतियां होती हैं। उक्त सभी संक्रातियों में कर्ज लेन-देन नहीं करना चाहिए।